निंदा प्रस्ताव पर सियासत तेज: “कानून पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं” — मोहम्मद अकबर

Pushpraj Singh Thakur
3 Min Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में निंदा प्रस्ताव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने स्पष्ट कहा है कि विधानसभा में पारित होने वाला निंदा प्रस्ताव पूरी तरह प्रतीकात्मक होता है और इसका किसी भी कानून पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने इसे राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बताया।

अकबर ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न हो पाने के बाद पार्टी जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक, जिसे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के नाम से जाना जाता है, वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है और इसके तहत लोकसभा एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान लागू किया जा चुका है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन को लेकर भाजपा की मंशा सफल नहीं होने पर अब विपक्षी दलों पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि महिला आरक्षण कानून पहले ही अस्तित्व में आ चुका है।

संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए अकबर ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत विधानसभा का सत्र बुलाने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है, लेकिन व्यवहार में यह निर्णय मंत्रिपरिषद की सलाह पर लिया जाता है। सरकार यदि चाहे तो किसी विशेष विषय पर विशेष सत्र बुला सकती है, जो आमतौर पर महत्वपूर्ण मुद्दों, विश्वास मत, बजट, आपदा या कानून व्यवस्था जैसे विषयों के लिए आयोजित किया जाता है।

अकबर ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है जब निंदा प्रस्ताव जैसे विषय के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। सामान्यतः ऐसे प्रस्ताव नियमित सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा सरकार की नीतियों की आलोचना के लिए लाए जाते हैं।

उन्होंने अंत में कहा कि निंदा प्रस्ताव का उद्देश्य केवल राजनीतिक संदेश देना होता है, न कि किसी कानून को प्रभावित करना। अब यह देखना होगा कि भाजपा इस माध्यम से जो संदेश देना चाहती है, वह जनता तक किस रूप में पहुंचता है।

Share This Article
Follow:
आप सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं एवं वर्तमान में India News के जिला ब्यूरोचीफ के रूप में काम कर रहे हैं। आप सॉफ्टवेयर डेवलपर एवं डिजाइनर भी हैं।

You cannot copy content of this page