कवर्धा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजानवागांव में शुक्रवार को ‘शारीरिक क्षमता एवं बौद्धिक विकास’ विषय पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के मुख्य वक्ता पंडित रविंद्र तिवारी, जो गायत्री तपोभूमि मथुरा से सेवानिवृत्त अभियंता हैं, ने अपने सारगर्भित व्याख्यान से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उनके साथ रामलाल यादव, रायपुर, और गजानन साहू, बाल संरक्षण अधिकारी, धमतरी, भी उपस्थित थे, जिन्होंने विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक विकास के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी में योग शिक्षा, उसकी उपयोगिता, अनुशासन, स्व-अनुशासन, सादा जीवन उच्च विचार, अध्ययन क्षमता का विकास, और मनन करने की क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक और तार्किक माध्यम से इन विषयों के महत्व को समझाया गया, ताकि वे अपने जीवन में अनुशासन और उच्च विचारधारा को आत्मसात कर सकें।
इस अवसर पर ‘एक युद्ध नशा के विरुद्ध’ विषय पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और इसके सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक नुकसान से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई गई, जिससे वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने की दिशा में प्रेरित हो सकें।
गोष्ठी को विद्यालय के व्याख्याताओं ने भी संबोधित किया और विद्यार्थियों को उनके शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य सुजीत गुप्ता, व्याख्याता शिवेंद्र चंद्रवंशी, विधि राम चंद्रवंशी, कमलेश तिवारी और कामता प्रसाद पाटील सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।
गोष्ठी के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यक्रम की सराहना की। संस्था के प्राचार्य ने सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और इस तरह के आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया।