कवर्धा। कवर्धा के हृदय स्थल वीर स्तंभ चौक का आज नया स्वरूप देखने को मिला। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीर शहीदों की प्रतिमाओं और चौक के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। 65 लाख रुपए की लागत से तैयार इस परियोजना ने शहर को एक नई पहचान दी है। वीर शहीदों की भव्य प्रतिमाएं और 75 फीट ऊंचा तिरंगा इस चौक को देशभक्ति और प्रेरणा का प्रतीक बना रहे हैं।
इस अवसर पर श्री शर्मा ने कहा, “वीर शहीद चौक केवल एक स्थान नहीं, बल्कि उन महान बलिदानियों की यादगार है, जिन्होंने अपनी जान देश की रक्षा के लिए न्यौछावर कर दी।” उन्होंने शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, उधम सिंह और अशफाक उल्ला खान की प्रतिमाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और त्याग का संदेश देंगी।
कार्यक्रम में सांसद श्री संतोष पांडेय, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक और भूतपूर्व सैनिक मौजूद थे।
शहीदों के सम्मान में भव्य प्रतिमाएं और अमर जवान स्मारक
चौक के सौंदर्यीकरण के तहत शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही, चौक के बीच में अमर जवान स्मारक बनाया गया है, जो शहीद सैनिकों की शहादत को नमन करता है। यहां देशभक्ति का वातावरण हर समय महसूस किया जा सकता है।
75 फीट ऊंचा तिरंगा बना राष्ट्रप्रेम का प्रतीक
चौक पर लगा 75 फीट ऊंचा तिरंगा न केवल वीर शहीदों के बलिदान को याद करता है, बल्कि यह कवर्धा शहर की आन-बान और शान का प्रतीक बन गया है। यह तिरंगा हर आने-जाने वाले को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।
कवर्धा में विकास की नई लहर
श्री शर्मा ने कहा कि उनके नेतृत्व में कवर्धा शहर के चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य तेजी से हो रहा है। वीर शहीद चौक का यह कायाकल्प इसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस चौक का नया रूप न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि यह युवाओं को वीरता, त्याग और समर्पण की प्रेरणा देगा।
शहरवासियों में उत्साह और गर्व
चौक के उद्घाटन के साथ ही शहरवासियों में खासा उत्साह है। लोग इसे कवर्धा की नई पहचान और शहीदों के प्रति सम्मान के रूप में देख रहे हैं। भूतपूर्व सैनिकों और गणमान्य नागरिकों ने इस परियोजना को शहर के लिए गर्व का विषय बताया।
वीर शहीद चौक का यह रूप केवल एक सुंदर स्थान नहीं, बल्कि कवर्धा शहर के लिए प्रेरणा और गौरव का स्थायी प्रतीक बन गया है।