छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पंडरिया की सक्रिय और सजग विधायक भावना बोहरा ने एक बार फिर यह साबित किया कि वे केवल प्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनहित की सशक्त प्रहरी हैं। नल जल योजना से लेकर स्थानीय रोजगार, औद्योगिक विकास और महिला श्रमिकों के अधिकारों तक – उन्होंने प्रदेश और अपने क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से विधानसभा पटल पर रखा।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विधायक बोहरा ने नल जल योजना की प्रगति और जल आपूर्ति की तैयारियों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। उनके सवालों के जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि पिछले 12 महीनों में राज्य के सभी ग्रामीण जिलों को नल जल योजना से जोड़ा जा चुका है।
हालांकि योजना अभी पूर्ण रूप से किसी जिले में समाप्त नहीं हुई है और लक्ष्य पूर्ति में प्रदेश 24वें स्थान पर है, लेकिन आगामी ग्रीष्मकाल के लिए व्यापक तैयारी की गई है। हैंडपंप संधारण अभियान (15 मार्च से 15 अप्रैल), क्लोरीनेशन, राइजर पाइप विस्तार, टंकियों की सफाई, लीक पाइपलाइन मरम्मत और नगरीय निकायों को करोड़ों की वित्तीय सहायता – ये सभी कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विधायक द्वारा उठाए गए प्रश्नों ने प्रशासनिक सक्रियता को और धार दी है।
उद्योग और स्थानीय रोजगार पर स्पष्ट दृष्टि
कबीरधाम जिले के औद्योगिक विकास पर विधायक बोहरा ने तथ्यात्मक जानकारी मांगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि जनवरी 2026 तक जिले में 102 लघु और 1 मध्यम उद्योग पंजीकृत हैं। वर्तमान में लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
विधायक बोहरा ने केवल आंकड़ों तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नियमों का पालन हो। अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 तक 5.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है, जिनमें से 8 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। स्थानीय युवाओं को 70% से अधिक रोजगार देने के नियम की निगरानी हेतु विभाग द्वारा 167 निरीक्षण किए गए और किसी प्रकार का उल्लंघन नहीं पाया गया – यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
महिला श्रमिकों के अधिकारों की मुखर पैरवी
महिला श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा और मातृत्व अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी विधायक बोहरा ने प्राथमिकता से उठाया। पिछले दो वर्षों में 289 शिकायतों में से 250 का निराकरण होना यह दर्शाता है कि व्यवस्था सक्रिय है, किंतु विशेष हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल की अनुपस्थिति सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। विधायक की पहल से इस दिशा में भविष्य में ठोस कदम उठने की उम्मीद मजबूत हुई है।
राजधानी रायपुर में रोड डिवाइडर पर लगे विज्ञापन पोल की आय और स्वामित्व संबंधी प्रश्न पूछकर विधायक बोहरा ने प्रशासनिक पारदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। नगर पालिक निगम रायपुर के स्वामित्व वाले इन पोल से 19.90 करोड़ रुपये से अधिक की आय होना यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि की सजगता से राजस्व संबंधी जानकारियां भी सार्वजनिक हो रही हैं।
विधानसभा में लगातार तार्किक, तथ्यों पर आधारित और जनहित से जुड़े प्रश्न उठाकर विधायक भावना बोहरा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे क्षेत्र और प्रदेश की मूलभूत समस्याओं – जल, रोजगार, उद्योग और महिला सुरक्षा – को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उनकी सक्रियता न केवल प्रशासन को जवाबदेह बनाती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत करती है। पंडरिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए यह आश्वस्त करने वाला संकेत है कि उनकी आवाज विधानसभा में मजबूती से उठाई जा रही है।


