जनसेवा, संघर्ष और अटूट जनविश्वास के प्रतीक: स्व. बिसाहू दास महंत की 102वीं जयंती पर उनके ऐतिहासिक योगदान और प्रेरणादायी विरासत को नमन

Pushpraj Singh Thakur
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छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक चेतना में गहरी छाप छोड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बिसाहू दास महंत की 102वीं जयंती पंडरिया में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उस जननायक के योगदान को याद करने का अवसर था, जिसने अपने पूरे जीवन को जनता और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित कर दिया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल की उपस्थिति और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंडरिया के अध्यक्ष घनश्याम साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने गुप्ता धर्मशाला भवन में महंत के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्व. महंत के राजनीतिक जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि वे अविभाजित मध्यप्रदेश की पहली विधानसभा (1952) के निर्वाचित सदस्य थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल की पहली कैबिनेट में मंत्री के रूप में शामिल होकर प्रदेश के प्रथम मंत्रिमंडल के सदस्य बने। यही कारण है कि उन्हें अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम कैबिनेट मंत्रियों में प्रमुख स्थान प्राप्त है।

उनका राजनीतिक सफर अपने आप में एक मिसाल रहा—उन्होंने 1952 से 1977 तक लगातार छह विधानसभा चुनाव जीते और कभी पराजित नहीं हुए। यह उपलब्धि न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव का प्रमाण भी है।

मंत्री रहते हुए स्व. महंत ने कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी। किसान पृष्ठभूमि से आने के कारण उन्होंने किसानों की जरूरतों को समझा और हसदेव नदी पर मिनीमाता बांगो बांध जैसे महत्वपूर्ण परियोजना की परिकल्पना और शिलान्यास कर क्षेत्र के सिंचाई ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, कोसा उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

चार बार कैबिनेट मंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन और शासन—दोनों स्तरों पर अपनी दक्षता का परिचय दिया। उन्हें पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टाओं में भी प्रमुख रूप से याद किया जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि स्व. बिसाहू दास महंत केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार और मूल्यों की ऐसी परंपरा थे, जो आज भी जनसेवा के मार्ग को दिशा देती है। उनका जीवन संघर्ष, सादगी और समर्पण का प्रतीक है, जिससे वर्तमान पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करते हुए जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

मंडल अध्यक्ष गुरुदत्त शर्मा, कांग्रेस वरिष्ठ नेता काशीनाथ ठाकुर, खोवाराम भास्कर, दिनेश कोसारिया, मनीष शर्मा, संजू तिवारी, अतुल बरगाह, नंदकुमार चंद्रवंशी, शैलेन्द्र गुप्ता, राजकुमार अनंत, लक्ष्मीनारायण साहू, शिव गायकवाड़, रामकुमार गायकवाड़, पार्षद एवं प्रतिनिधि चंद्रभान टंडन, दिलीप चंद्रवंशी, मुकेश सावरा, अखिलेश ठाकुर, अर्जुन साहू, सरताज खान, संतोष चंद्रवंशी, दिलीप सांडिल्य, विक्रम यादव, शिवम सावरा, निक्की सावरा, चंद्रकुमार साहू, मुकेश चंद्रवंशी, मुकेश साहू, अमित सावरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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आप सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं एवं वर्तमान में India News के जिला ब्यूरोचीफ के रूप में काम कर रहे हैं। आप सॉफ्टवेयर डेवलपर एवं डिजाइनर भी हैं।

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